इस संयुक्त बयान के महत्वपूर्ण भाग में ईरान और तुर्की के बीच व्यापारिक संबंधों को तीस अरब डाॅलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को व्यवहारिक बनाने की बात की गयी है। तेहरान और अंकारा के बीच आर्थिक संबंधों में इस महत्वपूर्ण लक्ष्य के दृष्टिगत जबकि ईरान के विरुद्ध अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंध लगे हुए हैं, इस बात का पता चलता है कि तुर्की, ईरान के साथ अपने रणैतिक सहयोग को आगे बढ़ाने का मज़बूत इरादा रखता है।
ईरान के विरुद्ध अमरीका के एकपक्षीय और अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों में साथ न देने का तुर्की के वरिष्ठ अधिकारियों का दृष्टिकोण, व्यापारिक संबंधों को 30 अरब डाॅलर तक पहुंचाने के लिए तेहरान और अंकारा के रणनैतिक संबंधों के मार्ग को समतल करने वाला रहा है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने हाल ही में तेहरान में तुर्की के संसद सभापति बिन अली येल्दरीम से मुलाकत में ईरान के विरुद्ध अमरीका के एकपक्षीय प्रतिबंधों के बारे में तुर्की की सरकर और तुर्क राष्ट्रपति के दृष्टिकोणों की सराहना करते हुए कहा था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, तेहरान के साथ संबंधों को विस्तृत करने और सहयोग को अधिक से अधिक बढ़ाने के तुर्क अधिकारियों के दृष्टिकोणों की सराहना करता है और उसका स्वागत करता है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान और तुर्की क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण देश हैं जो स्थाई शांति से संबंध हैं और इन दोनों देशों ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को व्यवहारिक बनाने तथा आतंकवाद से वास्तविक संघर्ष के लिए सार्थक और संतोषजनक क़दम उठाए। ईरान और तुर्की की सुरक्षा, क्षेत्र की सुरक्षा से अलग नहीं है और यह दोनों देश, दोनों राष्ट्रों के हित में महत्वपूर्ण क़दम उठाएं इसके लिए पहली शर्त शांति और सुरक्षा की स्थापना है और यही कारण है कि ईरान और तुर्की ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता का मज़बूत इरादा कर लिया है।